Ticker

6/recent/ticker-posts

Header Ads Widget

पोटा मेला परिसर में शराब, जुआ, गुटखा, मटका जैसे अवैद्य धंदे संचलित

नांदेड व स्थानीय पुलिस कि अनदेखी का नतिजा...
महिलाओ को सहेनी पडती है परेशानी


हिमायतनगर| तहसील के ग्राम पोटा बु.में संपन्न होनेवाले दत्तप्रभू का मेला उत्सव रविवार से शुरु हुवा है/ किंतु पिछले कई वर्षों से इस मेले में अवैद्य शराब कि बिक्री, जुआ अड्डा, गुटखा, मटका और आकडे के गेम जैसे अवैद्य धंदे संचलित होने से इसका बुरा असर युवा वर्गोपर पड रहा है| कारणवश त्योहार में दर्शन व खरीददारी के लिया आनेवाली महिला, एवं
बालिकाओ को शराबियो के साथ टपोरियो का सामना करणे कि नौबत आई है| इस प्रकार को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक विजयकुमार मगर सर ने अपने अंडर मी स्थापिय किये हुए एलसीबी दस्तेद्वारा अचानक मेले में छापेमारी कारके संचलित हुए गोरखधंदे कि नकेल कसकर मेले में शांती एवं सुव्यस्था कायम रखने कि मांग जागरूक नागरिको समेत महिलाओ द्वारा कि जा रही हैं।

नांदेड जिले में आनेवाले हिमायतनगर तहसील के ग्राम पोटा में भगवान दत्तात्रेय त्योहार की तीर्थयात्रा हर साल की तरह, इस साल भी रविवार दि.१५ दिसंबर से भगवान दत्तात्रेय कि पालखी शोभा यात्रा निकालकर शुरूवात हुई है| तारीख १६ रोज कुश्तीयों कि दंगल, तारीख १७ रोज कब्बड्डी खेल प्रतियोगिता होकर जितने वाले को बक्षीश का वितरण कर मेले का समापन किया जानेवाला है| हालांकि, विगत कुछ सालो से इस यात्रा में, दर्शनार्थी महिला - पुरुष भक्तों को शराबी और व्यसनी लोगो का सामना करना पड रहा है। इससे दिन - ब - दिन तीर्थयात्रा के मेले का महत्व कम होता दिखाई दे रहा है| इस यात्रा में, विभिन्न खेलों, मिठाई की दुकानों और कई अन्य साहित्यो कि दुकांनो समेत विद्यार्थीयो के लिये घोड़े गाड़ी, झुले आदि के साथ-साथ विभिन्न दुकानों में महिलाओं के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध हुई हैं। इस परिसर के ईलाके में यह यात्रा अधिक माईने रखणे से मेले में कबडी प्रतियोगिता, कुश्ती में दंगल देखणे के खातीर जिले में से खेल प्रेमियों कि मौजूदगी होती हैं। क्यूकि यह मेला इस ईलाके में सबसे बड़ी तीर्थयात्रा मानी जाती है| जिससे सभी जाति धर्म के लोगों, आसपास के बंजारा भाइयों सहित, यात्रा में शामिल होकर उत्सव का आनंद लेते हैं। कुछ वर्षों से मेला परिसर में रिश्वतखोर पुलिस व नंबर दो के धंदे करणे वालो के कारण देशी शराब की बिक्री, जुए के अड्डे, मटका समेत गुटखा बिक्री आदी गोरखधंदे के दुकानों की संख्या बढ रही है। मेले में हजारो कि तादाद में लोग पारंपरिक तरीके से मनाई जानेवाले दत्तात्रेय जयंती यात्रा में दाखल होते है| यह मेला हर्षोल्हास एवं शांतिपूर्ण ढंग से समापन होने के लिये यात्रा में चलाये जानेवाले अवैद्य धंदे बंद करणे कि आवश्यकता है, ऐसी प्रतिक्रीयाये नागरिकों एवं महिलाओ ने व्यक्त कि है| तभी तीर्थयात्रा कि पवित्रता कायम रहेगी और सभी को मेले का आनन्द लेणे में आसनी होगी ऐसा भी उन्होने कहा|

टिप्पणी पोस्ट करा

0 टिप्पण्या